भाई दूज से क्या लाभ है
रक्षाबंधन और भाई दूज का अर्थ विस्तार रूप से समझते है।
र=रक्षा करे भगवान
क्षा=क्षमा करें भगवान
ब=बंधन से आजाद करें
भगवान
ध=ध्यान रखे भगवान हमारा
न=हम नीच आत्माओं को कभी नहीं भूले भगवान
यह भविष्यवाणी कर्नाटक के भविष्यवक्ता योगी नारायण जी की है जो की सतगुरु रामपाल जी महाराज पर खरी उतरती है।
1 ======== वाणी 10, पेज नंबर 182 ======== भविष्य में एक दिन ऐसी विस्फोट की आवाज सुनी जाएगी, जैसा की 12 आकाशीय बिजली एक साथ गिरी हो। इस अप्रत्याशित घटना से पृथ्वी कंपन करेगी, पहाड़ भी हिल जाएगा। घर गिरने के डर से लोग गलियों में हर जगह शोर मचाते हुए भागेंगे। कुछ लोग अपने छोटे बच्चों को गोद में उठाकर भागेंगे। श्री योगी नारायण जी अपनी भविष्यवाणी में कहते हैं ये सब निश्चित है, ये होकर ही रहेगा। और यह सब घटना घटने के बाद सुभिक्ष काल यानि अच्छा समय आएगा।
======== भविष्यवाणी संख्या नंबर 12, पेज नंबर 191
======== पिछले वाणी संख्या 10 में जो बोला गया था, बुरा समय आएगा। उस घटना घटने के बाद पूरी दुनिया में सुख संतोष का समय आएगा और योगी नारायण जी की भविष्यवाणी कहती है वह दैविक शक्ति वाला महापुरुष पूरे विश्व को एक करके पूरे साम्राज्य पर राज करेगा, सबका प्रभु बनेगा। वह महापुरुष उत्तरी भारत से हो सकता है, ऐसा संकेत दिया है। उस महापुरुष का शासन धर्म युक्त होने के कारण वर्षा अच्छी होगी, फसल अच्छी आएगी। जनता आने वाले समय में ज्यादा पैसे के पीछे न पड़कर और अपने समय को बर्बाद न करके तत्व चिंतन, आत्म कल्याण और लोक कल्याण के कार्य मे मग्न रहेंगे।
======== भविष्यवाणी संख्या नंबर 14, पेज नंबर 198 ======== आगे आने वाले सुभिक्ष काल में खाद्य पदार्थ की कमी नहीं रहेगी।
पेज नंबर 199 ====== आने वाले समय में पंडिताई कोई नहीं करेगा। प्रजा दान धर्म में एक फॉर्मेलिटी ना समझकर सख्ती से पालन किया करेंगे। जनता मन-वचन-कर्म से सहनशील, विशेष आत्मिकता (लगाव) और संतोष से रहा करेंगे।
भविष्यवाणी संख्या नंबर 15, पेज नंबर 201====== जो भविष्य में आने वाला प्रभु है, उसके शासनकाल में मजदूरों को अपना किया हुआ श्रम का प्रतिफल पूरा मिलेगा। यह फल श्रमिकों को मिलने वाला पहला न्याय होगा। मतलब की मजदूरों को पूरा मेहनताना मिलेगा। पेज नंबर 201 से 202 ====== लोगों में आपसी झगड़ा व वाद-विवाद के कारण न्यायालय में जाने वाले प्रकरण एक भी नहीं मिलेंगे। झगड़ा ही नहीं होगा अगर होगा भी तो न्यायालय जाकर वकालत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, गांव में ही पंचायत के जरिए समाधान किया जाएगा चोरों का डर नहीं रहेगा। अबला नारी भी निर्भय होकर अकेली जंगलों में करेगी। ऐसा समय आएगा। घुमा इस भविष्यवाणी में जटिल शब्दों का उपयोग किया गया है इसलिए अनुवादकर्ता ने वाणी 15 में कौसल शब्द को उत्तरी भारत के तरफ संकेत बता रहा है। भविष्यवाणी संख्या नंबर 17, पेज नंबर 210 ===== आगे आने वाले प्रभु के शासनकाल में गाय भैंस पहला पशु होगा। भविष्यवाणी पद्य की पहली वाणी बता रही है पशुओं के लिए 1/4 हिस्सा चारागाह के लिए रखा जाएगा।साम्राज्य में जगह-जगह अटूट भंडारा चला करेगा। पेज नंबर 212 ==== नैसर्गिक औषधियों से ठीक ना होने वाली बीमारी को प्रारब्ध के पाप का फल बोलते हैं लेकिन उसके साम्राज्य में आपको प्रारब्ध कर्म के पाप का फल नहीं भोगना होगा। उनके द्वारा दिए गए तारक मंत्र से माई मसानी पूजा नहीं रहेगा और किसी भी प्रकार के असाध्य रोग ठीक हो जाएंगे। भविष्यवाणी में लिखा है। भविष्यवाणी संख्या 19, पेज नंबर 212 ===== भविष्य में आने वाला सार्वभौम के चतुरंग बल के प्रभाव को सोचने मात्र से उस सार्वभौम के आसपास निर्भय से रहने वाले राजा लोग डरा करेंगे। यह भविष्यवाणी संकेत करती है। चतुरंग बल का अर्थ अपार संख्या में सेना। भविष्यवाणी संख्या 20, पेज नंबर 221===== भविष्य में जो सार्वभौम (सभी लोगो का बहुमत हासिल करने वाला) आएगा। उसे किसी शत्रु का डर नहीं रहेगा। प्रजाओं को जो जरूरत होगा, उसे आदेश के द्वारा तुरंत मिल जाया करेगा। अभिवृद्धि कार्य बड़े जोर-शोर से चला करेंगे। सभी अधिकारी उससे डरने वाले होंगे। पेज नंबर 222 जमीन के अंदर दबे हुए दौलत को बाहर निकालकर सरकार के खजाने में डालेगा। वाणी नंबर 22, पेज नंबर 225 ========= उसके आदेश से शराब, तंबाकू, गांजा और जितने भी नशीले पदार्थ है, उनको खाना पीना तो दूर, हाथ लगाने को भी निषेध होगा। प्रजा में ऊंच-नीच का कोईप्रश्न नहीं रहेगा। सभी आपस में प्यार से मिलजुल कर रहा करेंगे। कौम (जाति, धर्म) के नाम पर झगड़ा कराने वाले स्वार्थी नहीं रहेंगे। वाणी नम्बर 22, पेज नम्बर 226-227 ========== संत के शासन काल मे पशु धन में इतनी वृद्धि होगी कि लोग पानी की तरह दूध और घी का इस्तेमाल किया करेंगे। वाणी नम्बर 23, पेज नम्बर 229 ========== इससे पहले बताई गई भविष्यवाणी में, लोक प्रभु बनने वाला वो महापुरुष ब्रह्म विद्या धुरंधर गुरु होगा, अध्यात्म का पूर्ण जानकार होगा। परब्रह्म को बड़े साहस पूर्वक ढंग से बताएगा कि पूर्ण परमात्मा ही पूजा के योग्य है, पूर्ण ब्रह्म की ही पूजा करनी चाहिए। ======== वाणी नंबर 24, पेज नंबर 235-36 ======== अपने अनुयायी को रेचक कुंभक यानी स्वास उस्वास के जरिए अजपा जाप मंत्र देकर भक्ति साधना कराएगा। इससे मन संयमित रहेगा, इन्द्रियों पर विजय प्राप्त होगा, मनोलय (मन मे शांति होगी) अष्ट सिद्धि, तत्वज्ञान युक्त होकर जीव मोक्ष की ओर बढ़ेगा।
सत भक्ति ज्ञान प्राप्त करने के लिए एवं समस्त दुखों से छुटकारा पाने के लिए अवश्य देखें सत्संग श्रद्धा टीवी पर दोपहर 2:00 से 3:00 बजे तक और साधना टीवी पर 7:30 से 8:30 बजे शाम को 8:30 से 9:30 ईश्वर टीवी पर

Comments
Post a Comment